रात 1 बजे बरेली रेलवे स्टेशन का हाल: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में ठिठुरते यात्री
उत्तर प्रदेश में सर्दी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात
करीब 1 बजे बरेली रेलवे स्टेशन पर मौसम का असर साफ देखने को मिला।
घना कोहरा, तेज ठंडी हवाएं और गिरता तापमान यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
JSK HARDOI News की टीम ने जब देर रात बरेली रेलवे स्टेशन का जायजा लिया,
तो प्लेटफॉर्म पर बैठे और खड़े यात्री कंबल, शॉल और जैकेट में पूरी तरह लिपटे नजर आए।
कई यात्री ठंड से बचने के लिए अलाव और चाय की दुकानों के आसपास जमा दिखे।
घना कोहरा बना परेशानी का कारण
रात 1 बजे के आसपास स्टेशन परिसर में दृश्यता बेहद कम हो गई थी।
कोहरे की मोटी परत प्लेटफॉर्म, पटरियों और खड़ी ट्रेनों को ढक चुकी थी।
कई बार तो कुछ मीटर आगे तक देख पाना भी मुश्किल हो रहा था।
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा।
कुछ ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई, वहीं कुछ ट्रेनें देरी से स्टेशन पहुंचीं।
घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की थी।
यात्रियों की स्थिति: ठिठुरन और इंतजार
बरेली रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्री अलग-अलग राज्यों की यात्रा पर थे।
कई यात्री दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद और लखनऊ रूट की ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे।
कुछ यात्रियों ने JSK HARDOI News से बातचीत में बताया कि
ठंड इतनी ज्यादा है कि खुले प्लेटफॉर्म पर बैठना मुश्किल हो गया है।
रात के समय कोहरा बढ़ने से ट्रेनों की सही जानकारी भी समय पर नहीं मिल पा रही।
महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए।
कई परिवार बच्चों को गोद में लेकर या कंबल में लपेटकर ठंड से बचाते दिखे।
रेलवे प्रशासन की व्यवस्था
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए
स्टेशन पर प्रकाश व्यवस्था और घोषणा प्रणाली को सक्रिय रखा गया।
हालांकि ठंड और कोहरे के कारण प्लेटफॉर्म पर खुले में बैठना मुश्किल रहा।
कुछ स्थानों पर अलाव जलते हुए भी देखे गए,
लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले ये व्यवस्था अपर्याप्त साबित हुई।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार,
आने वाले कुछ दिनों तक पश्चिमी यूपी और आसपास के क्षेत्रों में
घना कोहरा और शीतलहर बनी रह सकती है।
रात और सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों ने यात्रियों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
ट्रेनों की लेटलतीफी
कोहरे का असर ट्रेनों के संचालन पर भी साफ नजर आया।
कुछ पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें
अपने निर्धारित समय से 30 मिनट से लेकर 2 घंटे तक देरी से पहुंचीं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए
ट्रेनों की गति नियंत्रित की जाती है,
जिसके चलते देरी होना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
बरेली के स्थानीय लोगों का कहना है कि
इस साल ठंड अपेक्षाकृत जल्दी और ज्यादा असरदार तरीके से आई है।
देर रात और तड़के सुबह का समय सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और खुले इलाकों में
ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
स्वास्थ्य पर असर
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की ठंड और कोहरे में
सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को
ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने और
गर्म पेय पदार्थ लेने की सलाह दी गई है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
- रात की यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें
- पर्याप्त गर्म कपड़े और कंबल साथ रखें
- कोहरे में सावधानी बरतें
- बुजुर्ग और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
JSK HARDOI News की अपील
JSK HARDOI News अपने पाठकों से अपील करता है कि
मौसम की गंभीरता को देखते हुए सतर्क रहें।
रेलवे स्टेशन या यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर
रेलवे प्रशासन से संपर्क करें।
हम लगातार आपको हरदोई, बरेली और पूरे उत्तर प्रदेश की
ताजा, सटीक और भरोसेमंद खबरें उपलब्ध कराते रहेंगे।
निष्कर्ष
रात 1 बजे बरेली रेलवे स्टेशन का दृश्य
इस बात का प्रमाण है कि सर्दी ने पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है।
घना कोहरा, ठंडी हवाएं और गिरता तापमान
आने वाले दिनों में और ज्यादा परेशानी खड़ी कर सकता है।
ऐसे में सावधानी, जागरूकता और सही जानकारी ही
इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

